Category: बीमारी

Hypoglycemia के कारण लक्षण एवं उपचार

Hypoglycemia को हिंदी में अल्प शर्करा रक्तता भी कह सकते हैं और हाइपोग्लाइसीमिया भी, जहाँ तक इस रोग की उत्पति का सवाल है इस रोग की उत्पति शरीर के रक्त में ग्लूकोज की मात्रा के जरूरत से ज्यादा कम हो जाने के कारण होती है | और शरीर में ग्लूकोज़ की मात्रा जरुरत से ज्यादा कम होने के अनेकों कारण हो सकते हैं जिससे Hypoglycemia नामक रोग की उत्पति हो जाती है | कहने का आशय यह है की रक्त में शर्करा की अल्पता हो जाने को मेडिकल टर्म में Hypoglycemia नामक नाम से जाना जाता है | इसके अलावा यह भी कहा जा सकता है की रक्त में ग्लूकोज़ की मात्रा कम हो जाने वाली स्थिति को ही इस नाम से जाना जाता है | हाइपोग्लाइसीमिया नामक यह रोग अचानक से शुरू हो सकता है और ग्लूकोज युक्त पानी एवं चिकित्सक को दिखाकर इसे दूर भी किया जा सकता है लेकिन समय पर इस रोग का ईलाज न करने पर व्यक्ति के सामान्य लक्षण गंभीर लक्षणों जैसे भ्रम, बेहोशी इत्यादि में परिवर्तित होकर जानलेवा भी साबित हो सकते हैं | Hypoglycemia होने के कारण (Cause of Hypoglycemia in Hindi): जैसा की हम बता चुके हैं की Hypoglycemia नामक
Read More

Food Poisoning कारण लक्षण एवं ईलाज

Food poisoning यानिकी भोजन विषाक्तता अनेक कारणों से हो सकती है लेकिन इनमे से दो जो मुख्य कारण इसके होने के बताये गए हैं उनमे एक बेमेल भोजन यानिकी Unbalanced diet एवं दूसरा बाहर का खाना या किसी गन्दी जगह पर बना हुआ खाना खाना इसका कारण हो सकता है | कहने का आशय यह है की खाद्य पदार्थ तो होते ही शरीर को शक्ति एवं उर्जा देने के लिए, लेकिन यदि विभिन्न तासीर वाली खाद्य पदार्थों को एक साथ ग्रहण कर लिया जाय तो Food Poisoning अर्थात भोजन विषाक्तता हो सकती है | उदाहरणार्थ: जैसे शराब के साथ दूध का सेवन करने से, घी के साथ शहद का सेवन करने से, चावल एवं सिरके का एक साथ उपयोग करने से और गंदगी युक्त खाना खाने से भी Food Poisoning हो सकती है | इस भोजन विषाक्तता के कारण रोगी में  पेट में दर्द, दस्त एवं उल्टियाँ आने जैसे लक्षण प्रदर्शित हो सकते हैं | भोजन विषाक्तता के कारण (Cause of Food Poisoning in Hindi) भोजन विषाक्तता के होने के कारणों को मुख्य तौर पर दो भागों में विभाजित किया जा सकता है | सामान्य कारण एवं बैक्टीरिया एवं वायरस जनित कारण हालांकि सामान्य कारण भी बाद में बैक्टीरिया
Read More

सांस के दौरे (अस्थमा) का ईलाज एवं सावधानियां

सांस के दौरे से हमारा आशय एक ऐसी बीमारी से है जिसमे सम्बंधित रोगी को खुलकर सांस नहीं आती है । इसमें रोगी न तो ढंग से बैठ पाता है और न ही ढंग से खड़ा हो पाता है । कहने का आशय यह है की सांस के दौरे के वक्त रोगी कुछ भी कार्य करने में असमर्थ हो जाता है | इस रोग में मुंह द्वारा दी गई औषधि लगभग बेअसर ही रहती है | और जहाँ तक इस बीमारी के होने का मुख्य कारण है वह है प्रदूषण यही कारण है की वर्तमान में यह रोग शहरों में बहुत तेजी से बढ़ता जा रहा है । दमा अस्थमा का अटैक आने पर ईलाज (Treatment of Asthma Attack in Hindi): सांस के दौरे अर्थात अस्थमा का अटैक आने पर चिकित्सक द्वारा निम्न चिकित्सा की जा सकती है | चिकित्सक द्वारा रोगी को पम्प के द्वारा सालब्यूटामोल के 1-2 पफ लेने को कहे जा सकते हैं । इससे आराम न आने पर रोगी को एक पफ और लेने को डॉक्टर द्वारा परामर्शित किया जा सकता है । चिकित्सक द्वारा मरीज को अमीनोफाइलिन 250 मिग्रा. 10 से 20 मिली. सेलाइन में मिलाकर दिया जा सकता है | डॉक्टर द्वारा मरीज
Read More

मलेरिया कारण लक्षण प्रकार एवं उपचार

मलेरिया नामक इस बीमारी से शायद सभी लोग अच्छी तरह वाकिफ होंगे मलेरिया को शीत ज्वर या मौसमी बुखार भी कहा जाता है | यह Malaria नामक रोग प्लाज्मोडियम नामक जीवाणु के मनुष्य के रक्त में पहुँचने से होता है, यह जीवाणु मादा एनाफिलिज मच्छर द्वारा  मनुष्य के रक्त तक पहुँचाया जा सकता है | इस बीमारी में सामन्यतया रोगी को सर्दी के साथ बहुत तीव्र बुखार चढ़ता है और कुछ समय बीत जाने पर पसीना आकर यह बुखार उतर जाता है | जहाँ तक इस बुखार के आने का सवाल है यह 48-72 घंटे के अन्तराल में फिर से आता है | मलेरिया होने के कारण (Cause Of malaria in Hindi): जैसा की हम उपर्युक्त वाक्य में बता चुके हैं की Malaria होने का मुख्य कारण प्लाज्मोडियम नामक जीवाणु होता है जो मादा एनाफिलिज मच्छर द्वारा मनुष्य के रक्त तक पहुंचकर इस बीमारी को पैदा करता है | इस जीवाणु की चार जातियां होती हैं और ये चारों जातियां Malaria को पैदा करने में सहायक हैं | प्लाज्मोडियम वाइवैक्स प्लाज्मोडियम ओवेल प्लाज्मेडियम फेल्सीपेरम प्लाज्मोडियम मलेरी मलेरिया के लक्षण (Symptoms of malaria in Hindi): Malaria रोग से ग्रसित रोगी को कंपकंपी होने के साथ तेज बुखार चढ़ता है |
Read More

टाइफाइड कारण, लक्षण एवं उपचार

Typhoid को हिंदी में भी सामान्य तौर पर टाइफाइड के नाम से ही जाना जाता है लेकिन इसके अलावा इस बीमारी को और भी अनेक नामों जैसे Enteric Fever, मियादी बुखार, मोतीझारा, आन्त्र ज्वर इत्यादि के नाम से भी जाना जाता है । Typhoid नामक इस रोग की यदि हम बात करें तो इस प्रकार का यह रोग एक संक्रामक एवं लम्बी अवधि का बुखार है जिसका होने का सबसे प्रमुख कारण Salmonella Typhi नामक एक जीवाणु है | इस संक्रामक रोग से ग्रसित व्यक्ति या मरीज को तेज बुखार के साथ बैचैनी, भूख न लगना, पेट दर्द इत्यादि लक्षण हो सकते हैं | टाइफाइड नामक इस रोग के बिगड़ जाने पर ग्रसित व्यक्ति को आँतों से रक्तस्राव इत्यादि जैसे लक्षण हो सकते हैं |     टाइफाइड होने के कारण (Cause of typhoid in Hindi): हालांकि जैसे की हम उपर्युक्त वाक्य में बता चुके हैं की टाइफाइड नामक इस रोग के होने का मुख्य कारण salmonella typhi नामक जीवाणु होता है लेकिन यह जीवाणु गन्दगी अर्थात साफ़ सफाई न होने पर पनपता है, इसलिए निम्न कारणों को इसके होने के कारण माना जा सकता है | गंदगी होने पर व सफाई में कमी के कारण ही यह बीमारी फैलती
Read More

गुहेरी आँख की फुंसी कारण लक्षण एवं ईलाज

आँख में अर्थात पलक के नीचे होने वाली फुंसी को गुहेरी कहा जाता है | गुहेरी नामक यह रोग पलक के बालों के कोषक में संक्रमण के कारण हो सकता है, पलक के नीचे होने वाली फुंसी अर्थात गुहेरी का होने का जो मुख्य कारण होता है वह पलक के बालों पर होने वाला संक्रमण होता है | गुहेरी यानिकी पलक के नीचे होने वाली इस फुंसी का रंग लाल हो सकता है जो  तीन-चार दिन में पीप पड़ने के बाद स्वयं भी फट सकती है । कहने का आशय यह है की पलक के नीचे होने वाली यह फुंसी पीड़ादायक एवं बदसूरत तो ओ सकती है लेकिन यह बहुत अधिक गंभीर नहीं होती इसलिए कुछ घरेलू नुश्खों जैसे ओइनमेंट या गरम सेक से भी इसमें राहत मिल सकती है | इस पलक के नीचे होने वाली फुंसी के कारण यदि रोगी के आँखों की दृष्टी में किसी प्रकार का कोई परिवर्तन दिखाई दे और उपर्युक्त बताई गई घरेलु नुश्खों से कोई असर न हो रहा हो तो गुहेरी से पीड़ित व्यक्ति को तुरंत डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए | गुहेरी अर्थात पलक के नीचे फुंसी होने के कारण: अधिकतर तौर पर यह बड़े लोगों में स्टेफाईलोकोकस नामक जीवाणु
Read More

Vomiting अर्थात उल्टियाँ लगने के कारण एवं उपचार

अक्सर जब बच्चे उल्टी अर्थात Vomiting करने लगते हैं तो माता पिता चिंतित हो जाते हैं की आखिर यह किन कारणों से हुआ होगा | बच्चों में उल्टी होने के अलग अलग कारण अर्थात कुछ सामान्य तो कुछ गंभीर कारण भी हो सकते हैं | ये जो उल्टियाँ Vomiting बच्चों को होती हैं यह किस वजह से हो रही हैं अर्थात इसके कारण क्या हैं यह तो एक चिकित्सक ही विभिन्न जांचों के माध्यम से बता पाने में सक्षम होंगे लेकिन लेकिन यहाँ पर हम कुछ सामान्य से कारणों का वर्णन कर रहे हैं जिनकी वजह से बच्चे उल्टियाँ कर सकते हैं |  उल्टी होने के मुख्य कारण (Cause of Vomiting hindi): बच्चे को दूध पिलाने के तरीके में कमी, या एमनियोटिक द्रव्य या कोई अन्य दवाई की प्रतिक्रिया के कारण भी बच्चे को उल्टी हो सकती है । मेकोनियम प्लग, ट्रेकिया व इसोफेगस का फिस्ट्राला, आंतों में रुकावट भी एक कारण हो सकता है । सेप्टीसीमिया, मेनीनजाईटिस, ऐनसेफेलाइटिस इत्यादि भी एक कारण हो सकता है । बच्चे को चोट लगना, हाइड्रोसिफेलस भी Vomiting एक कारण हो सकता है । खून में कैल्शियम की मात्रा का अधिक व कार्बोहाइड्रेट की मात्रा का कम होना भी एक कारण हो सकता
Read More