Category: हेल्थ टिप्स

मधुमक्खी एवं ततैया का डंक मारने के लक्षण एवं ईलाज

मधुमक्खी एवं ततैया का डंक मारना अर्थात काटना कभी कभी बेहद खतरनाक रूप धारण कर सकता है |  मधुमक्खी के काटने को वर्तमान में हलके में लिया जाता है लेकिन यदि समय पर इसका ईलाज न किया गया तो कुछ स्थितियों में यह विकराल रूप धारण कर सकता है | हालांकि ततैया के काटने अर्थात Wasp Sting को मधुमक्खी के काटने से थोडा बहुत गंभीरता से अवश्य लिया जाता है | हालांकि मधुमक्खी एवं ततैया दोनों के काटने पर जलन, सूजन के साथ तेज बुखार भी आ सकता है, इसलिए आज हम हमारे इस लेख के माध्यम से मधुमक्खी एवं ततैया के डंक मारने के लक्षणों एवं ईलाज के बारे में जानने की कोशिश करेंगे | मधुमक्खी एवं ततैया के डंक मारने के लक्षण (Symptoms of Bees & wasp sting). मधुमक्खी एवं ततैया के डंक मारने के कुछ प्रमुख लक्षण निम्नवत हैं | मधुमक्खी एवं ततैया के डंक मारने के लक्षण स्थानीय होते हैं | डंक मारे जाने वाली जगह पर जलन एवं सूजन हो सकती है | मधुमक्खी एवं ततैया के डंक मारने पर डंक वाले स्थान पर दर्द, लाली एवं चकते से हो सकते हैं | अधिक डंक लग जाने पर कभी कभी रक्तचाप में भी कमी
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बिच्छू के काटने के लक्षण एवं ईलाज

बिच्छू के काटने पर असहनीय दर्द तो होता ही है साथ में इसका विष अर्थात जहर श्वसन व केन्द्रिय तंत्रिका तंत्र को भी प्रभावित करता है । बिच्छू एक ऐसा विषैला कीट है जो ग्रामीण एवं जंगल से लगे इलाकों में तो पाया ही जाता है साथ में कच्ची जगहों में शहरों में भी यह कीट देखने को मिलता है | जैसा की हम उपर्युक्त वाक्य में बता चुके हैं की यह एक विषैला कीट है इसलिए इसके काटने पर शरीर में विष फैलने का भी खतरा रहता है | बिच्छू के काटने का लक्षण (Symptoms of scorpion Sting): बिच्छू के काटने पर दंश वाले स्थान पर खुजली, सूजन व जलन के साथ तेज दर्द होता है । डंक मारे गए स्थान के चारों ओर लालिमा सी छा जाती है । वेदना अर्थात पीड़ा, डंक मारे गए स्थान से उठकर ऊपर की ओर फैलती सी महसूस होती है तथा एक दो घंटे के बाद वह स्थान सुन्न सा पड़ जाता है । बिच्छू के काटने पर बेचैनी, आंसू बहना, नाक से पानी बहना, मुह में लार अधिक बनना, पसीना अधिक आना, जी–मिचलाना, उल्टी आना इत्यादि लक्षण दिखाई दे सकते हैं । दौरे पड़ना व बाद में कोमा में चले
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सांप के काटने के लक्षण और ईलाज

सांप के काटने के लक्षणों एवं ईलाज पर प्रकाश डालने से पहले यह समझ लेना जरुरी है की  सांप यानिकी सर्प अधिकतर ग्रामीण इलाकों में या जंगल के आसपास के इलाकों में पाये जाते हैं । साँपों की विभिन्न प्रजातियाँ झाड़ियों में, जंगल में, कूड़े में, खण्डहर में व वृक्ष के खोखले हुए भाग इत्यादि में छिपे रहते हैं । सांप के काटने के बारे में कहा जाता है की सामन्यतया सांप अपने आप नहीं काटते हैं लेकिन यदि इन पर गलती से या जानबूझकर आक्रमण किया जाए तो ये क्रोधित होकर काट लेते हैं । जहाँ तक अपने देश में साँपों की प्रजातियों का सवाल है भारत में कोबरा, क्रेट, वाइपर इत्यादि प्रजाति के सांप अधिक मात्रा में पाए जाते हैं । एक आंकड़े के मुताबिक हमारे देश भारतवर्ष में प्रत्येक वर्ष सांप के काटने से मरने वालों की संख्या तक़रीबन  20,000 है | अर्थात कहने का आशय यह है की भारतवर्ष में प्रत्येक साल सर्प दंश के कारण बीस हज़ार लोगों की मृत्यु हो जाती हैं जो की एक डरावना आंकड़ा है । इसी बात के मद्देनजर आज हम सांप के काटने के लक्षणों एवं ईलाज के बारे में जानने की कोशिश करेंगे | सांप के काटने
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गर्भावस्था एवं मिर्गी से सम्बंधित आवश्यक जानकारी.

गर्भावस्था एवं मिर्गी से समबन्धित कुछ जरुरी जानकारी देने से पहले हम यह स्पष्ट कर देना चाहते हैं, की हम अपने पिछले दो लेखों के माध्यम से मिर्गी के कारण लक्षण एवं ईलाज, और मिर्गी की बीमारी के साथ आनंदमय जीवन जीने के तरीकों के बारे में वार्तालाप कर चुके हैं | इसलिए मिर्गी नामक इस रोग को समझने के लिए हमारे द्वारा लिखे यह लेख भी पढना नितांत आवश्यक है | यद्यपि मिर्गी नामक इस बीमारी से ग्रसित महिलाओं के अंतर्मन में अपने स्वास्थ्य को लेकर अनेक प्रश्न होते हैं जिनका उचित जवाब एक डॉक्टर के अलावा और कोई नहीं दे सकता, लेकिन यहाँ पर महिलाओं के अंतर्मन में उठने वाले कुछ सामान्य प्रश्नों जैसे क्या मिर्गी से ग्रसित महिलाएं गर्भधारण कर सकती हैं? या वे महिलाएं जो गर्भ धारण करना नहीं चाहती, क्या वे गर्भ निरोधक दवाओं के साथ मिर्गी की दवाओं का सेवन कर सकती हैं?  इस लेख गर्भावस्था एवं मिर्गी से सम्बंधित कुछ जरुरी जानकारी के माध्यम से हम इन्हीं कुछ सवालों के जवाब देने की कोशिश करेंगे | क्या मिर्गी से ग्रसित महिलाएं गर्भधारण कर सकती हैं गर्भावस्था एवं मिर्गी की यदि हम बात करे तो अधिकांशत: देखा जाता है की मिर्गी से ग्रस्त
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मिर्गी के दौरे के दौरान क्या करना चाहिए |

इससे पहले की हम यह जान लें की यदि किसी को मिर्गी का दौरा पड़े अर्थात मिर्गी के दौरे के दौरान हमें क्या करना चाहिए उससे पहले मिर्गी के मरीज को एक बात अवश्य जान लेनी चाहिए कि मिर्गी नामक यह बीमारी कोई जानलेवा बीमारी नहीं है | इसलिए  जब तक यह सुनिश्चित न हो जाए कि मरीज को मिर्गी का दौरा ही पड़ा है या जब तक मिर्गी का दौरा 10 से 15 मिनट तक का न रहे, तब तक डाक्टर या एम्बुलेंस नहीं बुलाना  चाहिए । मिर्गी का दौरा पड़ने पर क्या करें मिर्गी के दौरे के दौरान निम्नलिखित स्टेप उठाये जा सकते हैं | यदि किसी व्यक्ति को मिर्गी को दौरा पड़ जाय तो उसे सीधा या पेट के बल कभी भी उल्टा नहीं लिटाना चाहिए । मिर्गी के दौरे के दौरान मरीज को धीरे से करवट के बल लिटाया जा सकता है, ताकि रोगी के मुंह से निकलने वाले तरल पदार्थ आसानी से बाहर आ जाएँ । मिर्गी के रोगी का मुहं जबरदस्ती खोलने की कोशिश नहीं करनी चाहिए, न ही रोगी के मुंह में कुछ भी डालने की कोशिश करनी चाहिए । रोगी के शरीर के जिस हिस्से में अकड़न हो, उसे पकड़ने या
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मिर्गी के साथ आनंदमय जीवन जीने के तरीके

मिर्गी के साथ आनंदमय जीवन जीने के तरीकों के बारे में हम विस्तार से वार्तालाप करेंगे लेकिन जैसा की हम अपने पिछले लेख में मिर्गी के लक्षणों कारणों एवं ईलाज की प्रक्रिया के बारे में बता चुके हैं इसलिए सबसे पहले मिर्गी से पीड़ित व्यक्तियों को हम सलाह देना चाहेंगे की अपने चिकित्सक द्वारा निर्देशित दवाई लेना कभी न भूलें। कभी भी अपने आप अपनी दवाओं में किसी प्रकार का कोई फेर-बदल न करें। कोई भी विपरीत प्रभाव दिखाई देने पर अपने डाक्टर को सूचित करें। और  डाक्टर से पूछे बिना अपने आप दवा लेना बन्द न करें। अपने डाक्टर से नियमित रूप से अपनी जांच करवाएं । क्योंकि मिर्गी के साथ आनंदमय जीवन जीने में उपर्युक्त बातों का विशेष महत्व है | मिर्गी के साथ आनंदमय जीवन कैसे जिए : मिर्गी की बीमारी के साथ अक्सर जीवन में अलग-अलग तरह की मुश्किलें आ सकती है, लेकिन इसके बावजूद पीड़ित व्यक्ति चाहे तो आनंदमय जिन्दगी व्यतीत कर सकते हैं | यदि मिर्गी से ग्रसित रोगी अपनी नियमित जिंदगी के लिए एक अच्छी योजना बना लें तो वह हर उस काम का आनंद उठा सकता हैं, जो वह करना चाहता है । मिर्गी के साथ आनंदमय जीवन जीने के लिए
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जलन से राहत पाने के कुछ घरेलू उपचार.

यद्यपि शरीर के अलग अलग हिस्सों में जलन होने के अलग अलग कारण हो सकते हैं | लेकिन जब बात जलन से राहत पाने की आती है तो बहुत सारे घरेलू नुस्खों या उपचारों के बारे में हम सोचने लगते हैं की शायद कोई ऐसा घरेलु नुस्खा याद आ जाय जिससे जलन से राहत पाने में मदद हो | शरीर के किन्हीं भी अंगों में जलन हो जाती है तो हमारी सुंदरता भी कुछ हद तक कम हो जाती है । इसलिए आज हम हमारे इस लेख के माध्यम से जलन से राहत पाने के घरेलू उपचारों के बारे में बात करेंगे | चेहरे की जलन से राहत पाने के घरेलू उपचार : चेहरे की जलन को शांत करने या कम करने के लिए पुदीने के पत्तों को पीसकर इनका लेप तैयार कर लें और उसके बाद इस लेप लो चेहरे पर 20-25 मिनट तक लगायें, और फिर ठंडे पानी से चेहरे को धो लें। पपीता पीसकर चेहरे पर लेप करने से भी चेहरे की जलन दूर हो जाती है। चेहरे की जलन से राहत पाने के लिए गाय के दूध का भी इस्तेमाल किया जा सकता है गाय के दूध को चेहरे पर मलने से भी जलन दूर
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