Appendectomy Surgery

Appendectomy अपेंडिक्स से जुड़ी हुई एक शल्य क्रिया अर्थात सर्जरी है | इस सर्जरी के माध्यम से अपेंडिक्स यानिकी उपांत्र को निकाला जाता है | अपेंडिक्स की यदि हम बात करेंगे तो हम पाएंगे की अपेंडिक्स एक थैली आकृति का अंदरूनी अंग होता है जो बड़ी आंत के सिरे पर अलग से विद्यमान होता है | कभी कभी क्या होता है की अपेंडिक्स नामक यह थैली अवरुद्ध हो जाती है जिससे इसमें संक्रमण फैल जाता है और इस कारण प्रभावित व्यक्ति या महिला को पेट की निचले तरफ दाहिने हिस्से को दर्द की शिकायत, भूख कम लगना, मतली और उलटी एवं बुखार आने की शिकायत हो सकता है | जहाँ तक शरीर में अपेंडिक्स की महत्वता का सवाल है कुछ सिद्दांतों का मानना है की यह शरीर में अच्छे बैक्टीरिया को भण्डारण का काम करता है और कुछ का मानना है की यह दस्त इत्यादि के बाद पाचनतंत्र को रिबूट करने का कार्य करता है और कुछ सिधान्तों के अनुसार यह किसी काम न आने वाला एक अवशेष है | हालांकि यदि अपेंडिक्स फट जाय तो व्यक्ति बहुत अधिक बीमार पड़ सकता है | चूँकि यह संक्रमित अपेंडिक्स समबन्धित व्यक्ति को काफी परेशान कर सकता है इसलिए इसे निकालने
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Angiography Test

Angiography नामक इस टेस्ट को Angiogram भी कहा जाता है इस परीक्षण में चिकित्सक द्वारा सम्बंधित व्यक्ति या महिला की रुधिर नलिकाओं में एक अपारदर्शक पदार्थ प्रविष्ट कराया जाता है जिससे रुधिर नलिकाओं की एक्स रे के दौरान फोटो एकदम स्पष्ट एवं साफ़ आ सके | Angiography test को अंजाम देने के लिए चिकित्सक द्वारा टांग के उपरी सिरे या हाथ की नस में एक Tube जिसे Catheter कहा जाता है घुसाई जाती है उसके बाद इस Catheter को शरीर के उस हिस्से तक पहुँचाया जाता है जिस हिस्से की जांच होनी होती है | और इसी Catheter के माध्यम से चिकित्सक द्वारा व्यक्ति के शरीर में डाई प्रविष्ट करायी जाती है | इसके बाद जब डाई रक्त नलिकाओं से होकर आगे की और बहती है तो इस समय एक्स रे ले लिया जाता है | Angiography नामक यह टेस्ट शरीर में या शरीर के किसी भी हिस्से में रक्त के बहाव की जांच करता है की उस विशेष हिस्से में रक्त की सप्लाई ढंग से हो रही है की नहीं | जब यही प्रक्रिया ह्रदय की रक्त धमनियों की जांच के लिए की जाती है तो इस प्रक्रिया को Coronary Angiography कहा जाता है |  Coronary Angiography के
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Sigmoidoscopy Test

Sigmoidoscopy नामक यह एक ऐसी जांच है जिसका प्रयोग मलाशय एवं बड़ी आंत का निचला हिस्सा जिसे sigmoid colon भी कहा जाता है की जांच के लिए किया जाता है | इस टेस्ट को अंजाम देने के लिए चिकित्सक द्वारा एक लचीली tube का उपयोग किया जाता है जिसे Endoscope कहते हैं | यह लचीली tube एण्डोस्कोप प्रकाशमान होती है इसलिए चिकित्सक द्वारा इसका उपयोग समबन्धि व्यक्ति या महिला के मलाशय एवं बड़ी आंत में असमान्य कोशिकाओं या और कुछ असमान्य लक्षणों की जांच के लिए किया जाता है | Sigmoidoscopy test को अंजाम देने से पहले प्रभावित व्यक्ति या महिला को बड़ी आंत को खाली करने के लिए  दो Fleet Enemas की आवश्यकता हो सकती है | यद्यपि Sigmoidoscopy test को अंजाम देने में चिकित्सक को 15-20 मिनट का समय लगता है लेकिन जिस व्यक्ति या महिला का यह टेस्ट होना है उसे चाहिये की वह 1-2 घंटों का समय निकालकर जांच परिसर में आयें क्योंकि भीड़ इत्यादि होने के कारण व्यक्ति या महिला की जांच की बारी देर से भी आ सकती है | How to be ready for Sigmoidoscopy test: जिस व्यक्ति या महिला का यह परीक्षण होना है उसे मेडिकल स्टोर से फ्लीट एनीमा खरीदने
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Positron Emission Tomography

PET की full form Positron Emission Tomography है इस परीक्षण को अंजाम देने के लिए शरीर को स्कैन किया जाता है | सम्पूर्ण शरीर का PET Scan शरीर के अंगों और उतकों की कार्यशैली को दर्शाता है अर्थात शरीर के अंगों में रक्त के प्रवाह की जांच और उतकों अर्थात Tissues में पोषक तत्वों जैसे ऑक्सीजन इत्यादि की जांच की जाती है | PET Scan से शरीर में उत्पन्न असमान्य कोशाणुओं का भी पता चल सकता है | इस परीक्षण की शुरू करते हुए चिकित्सक द्वारा समबन्धि व्यक्ति को Radioactive पदार्थ इंजेक्शन के माध्यम से शरीर में प्रविष्ट कराया जा सकता है चूँकि इस पदार्थ की मात्रा कम होती है इसलिए इससे शरीर को कोई नुकसान नहीं होता है | यह Radioactive तरल पदार्थ शरीर में इसलिए प्रविष्ट कराया जाता है क्योंकि जिस हिस्से का Positron Emission Tomography Scan होना हो यह उस हिस्से के स्कैन के दौरान फोटो लेने में मददगार साबित होता है | इस परीक्षण को शरीर में असामान्य कोशिकाओं अर्थात कैंसर का पता करने के लिए, कैंसर के उपचार में निर्णय लेने के लिए, शरीर की स्थिति जानने के लिए, दिल सम्बन्धी बीमारी के लिए एवं दिमाग सम्बन्धी बीमारी के लिए अंजाम दिया जा सकता
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Magnetic Resonance Imaging

MRI का फुल फॉर्म Magnetic Resonance Imaging होता है इस परीक्षण को मानव शरीर में विभिन्न प्रकार की बीमारियों का पता करने के लिए किया जा सकता है कहने का आशय यह है की MRI Scan का उपयोग बहुमुखी है | Magnetic Resonance Imaging Scan को एम. आर. आई. मशीन के माध्यम से अंजाम दिया जाता है यह मशीन जब चुम्बकीय क्षेत्र एवं रेडियो तरंगो के साथ मानव शरीर में उपलब्ध पानी के अणुओं के संपर्क में आती हैं तो शरीर के अंगों के विस्तृत चित्र उभरकर सामने आते हैं | इस परीक्षण की खास बात यह है की मानव शरीर के जिस हिस्से या अंगों में पानी नहीं होता वे MRI Scan में नहीं दीखते | लेकिन चूँकि चुम्बकीय तरंगों को हड्डियाँ नहीं रोक पाती इसलिए हड्डियों के अन्दर के हिस्से भी MRI Scan में दीखते हैं | इस परीक्षण में रेडियो तरंगो एवं कंप्यूटर की मदद से शरीर की विस्तृत तस्वीरें ली जाती हैं विस्तृत तस्वीर से हमारा आशय ऐसी तस्वीरों से हैं जिनके माध्यम से चिकित्सक शरीर के उस खास हिस्से की विस्तृत जानकारी ले पाता है | How to be ready for MRI Scan in Hindi: MRI Scan के लिए यद्यपि चिकित्सक के सुझावों के
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Mammogram Test

Mammogram नामक यह परीक्षण महिलाओं के स्वास्थ्य से जुड़ा हुआ एक बहुत ही महत्वपूर्ण परीक्षण है | इस जांच के दौरान महिलाओं के स्तनों का एक्स रे महिला के स्तनों में स्तन कैंसर का पता करने के लिए किया जाता है | इसलिए ऐसा बिलकुल नहीं है की चिकित्सक द्वारा किसी भी महिला को ऐसे ही Mammogram test करने के लिए नहीं कहा जायेगा बल्कि ऐसी महिलाओं को ही यह परीक्षण करने का सुझाव दिया जायेगा जिनमे स्तन कैंसर नामक बीमारी के कुछ लक्षण दिखाई देते हों | यद्यपि Mammogram का एक रूप Screening Mammography होती है यह तब भी की जा सकती है जब महिला में इस प्रकार की बीमारी के कोई लक्षण न दिख रहे हों Screening Mammography को स्तन कैंसर के विरुद्ध उठाया गया पूर्वकदम कह सकते हैं क्योकि इस परीक्षण के कारण स्तन कैंसर जल्दी पकड़ में आता है और उसका इलाज भी जल्दी ही शुरू हो जाता है, इसलिए इसकी वजह से स्तन कैंसर से होने वाली महिलाओं की मौतों की संख्या में काफी कमी आई है | मेम्मोग्राम के फायदे (Advantage of Mammogram in Hindi): जैसा की हम उपर्युक्त वाक्य में बता चुके हैं की स्तन कैंसर से होने वाली महिलाओं की मौतों
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कैंसर से बचने के कुछ मुख्य उपाय |

कैंसर से बचने के उपायों की यदि हम बात करें तो इनमे ऐसे उपाय सम्मिलित होंगे जिनसे कैंसर जैसी खतरनाक एवं जानलेवा बीमारी के होने के कारणों का पता चलता है | अर्थात कहने का आशय यह है की जिन कारणों से किसी भी प्रकार का कोई कैंसर चाहे वह त्वचा कैंसर हो, फेफड़ो का कैंसर हो, स्तन कैंसर हो, रक्त कैंसर हो या फिर कोलन कैंसर होने का खतरा बढ़ जाता है उन्हीं कारणों को अपनी जीवन पद्यति का हिस्सा न बनाना कैंसर से बचने के उपायों की लिस्ट में सम्मिलित हैं | जैसा की हम सबको विदित है की कैंसर नामक यह रोग बेहद भयावह एवं खतरनाक होता है लेकिन फिर भी इस भयावह स्थिति से बचा जा सकता है तो आइये आज हम अपने इस लेख ‘’कैंसर से बचने के उपाय’’ के माध्यम से जानने की कोशिश करेंगे ऐसे ही कुछ तरीकों के बारे में जिन्हें अपनाकर या छोड़कर कैंसर के रिस्क को कुछ हद तक कम किया जा सकता है | तम्बाकू का सेवन बंद करें (Stop Smoking): चाहे हम किसी भी प्रकार के कैंसर के कारणों पर नज़र डालें लेकिन धुम्रपान एक ऐसा कारक है जो लगभग हर प्रकार के कैंसर का कारण माना
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